Amit Shah
February 27, 2025 at 06:19 PM
सशक्त गाँव, राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं - इस सिद्धांत के प्रणेता नानाजी देशमुख जी ने गाँवों को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, विद्या भारती और दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना कर ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा को जनमानस की गहराई तक स्थापित किया।
आज दीनदयाल परिसर, चित्रकूट (मध्य प्रदेश) में नानाजी की 15वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके द्वारा स्थापित प्रभु श्री राम के मर्यादा पुरुषोत्तम रूप पर आधारित पाँच मंदिरों के समूह ‘रामदर्शन’ का लोकार्पण किया। साथ ही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
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