ShayariSkill
February 20, 2025 at 09:22 AM
पहले घर मिट्टी के होते थे और लोग मिट्टी से जुड़े होते थे उनके रिश्तों विचारों व्यवहार में मिट्टी की खुशबू आती थी उनमें शिष्टाचार अलग ही स्तर पर था।अब जैसे जैसे मकान पक्के होते जा रहे हैं वैसे वैसे संस्कार जाते जा रहे हैं उन मकानों को अब घर नहीं कहा जा सकता। क्योंकि उनमें अब मिट्टी की खुशबू नहीं आती।
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