Harsh Chhikara
February 21, 2025 at 04:23 AM
ये देखों इंसानियत आज भी जिन्दा हैं सिद्धमुख (राजस्थान) में हमारे अपने राजपूत समाज का एक परिवार जो हरियाणा के फतेहाबाद के पास का वहीं सिद्धमुख गौशाला में रहता हैं!!!😊
जब उनकी बेटी की शादी आयी उन्होंने गौशाला वालों को बोला हम अपने गाँव जा रहें है कैसे न कैसे बेटी की शादी करनी हैं गौशाला वालों ने बड़प्पन दिखाते हुए कहाँ जब तुम काम हमारे पास करते हो तो बेटी भी हमारी है !!🥰🥰
कहीं नही जाओगे शादी हम खुद करेंगे वहाँ के आसपास के 9 गाँव की पँचायत ने मिलकर शादी की!!
मैं हर्ष छिकारा भाग्यशाली हूँ जो मौके पर पंचायत ने मुझे बुलाया और ये कहाँ बेटा तुझे देखकर हमने भी ये पहल की है!🤝🤝
फिर हम सबने उस बेटी को अपनी बेटी समझकर 36 बिरादरी के भाईचारे ने मिलकर पूरे धूमधाम से शादी व बेटी को शादी का सम्पूर्ण सामान दिया!! 🎉🎉
साथ मे 9 गाँव की पँचायत ने बारात का स्वागत किया व साथ मे पँचायत ने जिम्मेदारी उठाई 9 गाँव मे कोई भी गरीब बेटी होगी तो 9 गाँव की पँचायत मिलकर उस बेटी की शादी करेंगे!!🎊🎊💐
मुझे बड़ा गर्व महसूस हुआ मैं इस पँचायत का हिस्सा था व साथ मे छोटी सी आहुति डालने का मौका मुझे भी मिला 11,000 रु गौशाला में और 11,000 रु बेटी के कन्यादान में देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ !!🙏🙏
नोट- धीरे-2 जागरूकता जरूर आएगी लगे रहों!!🙏🤟🙏
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