दीन सिखाओ बेटी बचाओ
February 18, 2025 at 03:18 PM
*🔶ह़दीस़ शरीफ़🔶*
_*नबी-ए-करीम ﷺ* ने फ़रमाया :-_
*🔹"एक रमज़ान के रोज़े दूसरे रमज़ान तक के दरमियाने वक़्फ़ा के लिये कफ़्फ़ारा है ।"🔹*
📙कन्ज़ुल उ़म्माल, जिल्द 4, जुज़ 8, सफ़ह 618, ह़दीस़ 23737📙
*🔶 मस्अला 🔶*
*🔹 रमज़ान के अदा रोज़े, नज़्र-ए-मुअ़य्यन और नफ़्ल रोज़ों के लिये निय्यत का वक़्त ग़रूब-ए-आफ़ताब से ज़ह्वा-ए-कुबरा* (ज़वाल का वक़्त शुरू होने से पहले) *तक है, इस वक़्त में जब निय्यत कर ले, ये रोज़े हो जाएंगे । ज़ह्वा-ए-कुबरा निय्यत का वक़्त नहीं बल्के इससे पेशतर निय्यत हो जाना ज़रूरी है ।*
*दिन में निय्यत करे तो ज़रूरी है के ये निय्यत करे के मैं सुबह सादिक़ से रोज़ादार हूं, अगर ये निय्यत की के अब से रोज़ादार हूं सुबह से नहीं तो रोज़ा न हुआ ।🔹*
📙बहार-ए-शरीअ़त, जिल्द 1, ह़िस्सा 5📙
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