Pankaj Chaudhary
February 20, 2025 at 05:00 AM
"प्रेम मगन मुख बचन न आवा, पुनि-पुनि पद सरोज सिर नावा। सादर जल लै चरन पखारे। पुनि सुंदर आसन बैठारे ॥"
भगवान और भक्त के आपसी समर्पण के प्रतीक पर्व, 'माता शबरी' जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।