HinduNidhi
February 21, 2025 at 02:53 AM
धर्म की परिभाषा
✅ धर्म वह है जो सृष्टि का संतुलन बनाए रखे।
✅ जो सत्य, न्याय, करुणा और संतुलन पर आधारित हो, वही धर्म है।
🔹 गीता (2.31) में श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं -
"स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि।"
(अपने धर्म का पालन करते हुए तुम विचलित मत हो।)
अधर्म की परिभाषा
✅ अधर्म का अर्थ है प्राकृतिक संतुलन और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन।
✅ जो अन्याय, असत्य, हिंसा, स्वार्थ और लोभ पर आधारित हो, वह अधर्म है।
🔹 महाभारत में कहा गया -
"अधर्मो हि समुत्तिष्ठेत तदा लोकविनाशकः।"
(जब अधर्म बढ़ता है, तो लोक का विनाश होता है।)
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