Rudrametaverse
Rudrametaverse
February 18, 2025 at 11:20 PM
*🔱 शिव सूत्र 1.3: "योनिवर्गः कलाशरीरम्" 🔱* 🕉️ *"यह संपूर्ण ब्रह्मांड उस एकता (Oneness) की इच्छा से उत्पन्न हुआ है, जो स्वयं को समय और स्थान में छिपाकर इस सृष्टि के अद्भुत खेल में प्रवेश करती है!"* 🌌✨ 🔹 **योनि (Yoni) का अर्थ है - सृष्टि का मूल कारण, स्रोत या गर्भ**। 🔹 यह **माया (MAYA) की रचना है**, जो हमें *भ्रमित कर देती है* कि हम एक-दूसरे से अलग हैं, जबकि वास्तव में *सब कुछ एक ही चेतना का अंश है!* 💫 🌿 *माया केवल "भ्रम" नहीं, बल्कि एक सृजनात्मक शक्ति है!* 📌 यह *तीन गुणों (Gunas)* के रूप में प्रकट होती है, जो हमें जीवन में अलग-अलग अवस्थाओं में डालती है: 1️⃣ **सत्त्व गुण (Sattva)** – *शुद्धता, ज्ञान और शांति का प्रतीक* ☀️ 2️⃣ **रजस गुण (Rajas)** – *इच्छा, महत्वाकांक्षा और अस्थिरता का प्रतीक* 🔥 3️⃣ **तमस गुण (Tamas)** – *अज्ञान, आलस्य और निराशा का प्रतीक* 🌑 🌀 *हमारी चेतना लगातार इन तीन गुणों के प्रभाव में रहती है।* 🧐 **लेकिन यदि हम अपनी बुद्धि (Buddhi) का प्रयोग करें और इनका अवलोकन करें, तो हम इनके जाल से मुक्त हो सकते हैं!** ⚡ *"माया के भीतर मल (Malas) या अशुद्धियाँ भी हैं, जो हमें अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने से रोकती हैं!"** 📌 *मैयीय मल (Mayiya Mala)* – यह हमें *भेदभाव* में डालकर यह अहसास कराता है कि "यह मेरा है, यह मेरा नहीं!" 📌 *कर्ममल (Karma Mala)* – हमारे *कर्मों* की अशुद्धि हमें जन्म-मरण के चक्र (Samsara) में बाँध देती है! 🔺 *"हम जिस शरीर को अपनी पहचान मानते हैं, वही हमारा सबसे बड़ा बंधन बन जाता है!"* 🔺 *"हर विचार, हर कर्म हमारे सूक्ष्म शरीर (Subtle Body) में अंकित हो जाता है और हमें अगले जन्मों तक प्रभावित करता है!"* 💡 *"अच्छे कर्म भी तुम्हें गिराएँगे और बुरे कर्म भी!"* (Swami Lakshmanjoo) 💡 *"जो कुछ तुम सोचते और करते हो, वही तुम्हें और गहराई से इस संसार में बाँधता जाता है!"* 🔥 *मोक्ष का एकमात्र मार्ग है - स्वयं के भीतर छुपे परमात्मा को पहचानना!* 🔥 🙏 **भगवद गीता (5.8) कहती है:** *"सत्य को जानने वाला कहता है - 'मैं कुछ नहीं करता।' यह केवल इंद्रियाँ हैं, जो अपने-अपने विषयों पर कार्य कर रही हैं!"* 🌟 *"जब तक हम अपने शरीर और इस संसार को ही सत्य मानते रहेंगे, तब तक माया हमें खेलती रहेगी!"* 🌿 लेकिन **"जागने" का अर्थ है - यह समझना कि केवल एक ही कर्ता (Doer) है और वह है परम चेतना!"** ✨ *जागें, स्मरण करें और अपने भीतर के दिव्य सत्य से जुड़ें!* 📌 *"रहें जिज्ञासु और अपने भीतर की चेतना से जुड़े रहें!"* 🌟 *"रहें जुड़े *rudrametaverse* से!"* 🚀
🙏 ❤️ 👏 9

Comments