जाने जैन इतिहास को ✨
February 12, 2025 at 06:13 AM
*12 फरवरी*
*कब क्या हुआ!*
- जाने तेरापंथ के इतिहास को
मुनि थिरपाल जी और मुनि फतेहचंद ने स्वामी जी को धर्म प्रचार के लिए प्रेरित किया।
दोनों मुनि आचार्य जयमल जी के टोले से स्वामी जी के साथ आए और संसार पक्ष से पिता पुत्र थे। दोनों ही बड़े तपस्वी भद्र और विचार शील साधु थे। स्थानकवासी संप्रदाय में रहते l समय वे दीक्षा पर्याय में स्वामी जी से बड़े थे l अतः परमार्थी एवं नम्र स्वभावी स्वामी जी ने अपनी निरहंकारिता और उदारता का परिचय देते हुए भाव चारित्र लेते समय उन्हें दीक्षा पर्याय में अपने से बड़ा ही रखा। पर्याय-वृद्ध संतों के प्रति स्वामी जी की आदर भावना का यह सजीव उदाहरण कहा जा सकता है।
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*समण संस्कृति संकाय*
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📲 प्रस्तुति : *समण संस्कृति संकाय, जैन विश्व भारती*
📲 संप्रसारक : *अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़*