Haryana NewsPe
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March 1, 2025 at 01:51 PM
Big update गणित की परीक्षा को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री तुरंत प्रभाव से लें संज्ञान : भारद्वाज : कक्षा दसवीं का गणित पेपर आउट ऑफ सिलेबस होने से परीक्षार्थी हुए दुखी, कोई सदमे तो कोई बेहोश : मैरिट लिष्ट की सूचि के लिए मेहनत करने वाले विद्यार्थियों ने रोया दुखड़ा : हकीकत क्या है यह तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बॉर्ड व एनसीईआरटी ही बता पाएगी : विद्यार्थियों का आरोप 50% से अधिक प्रश्न पुस्तक से बाहर के : साल भर जी पुस्तक को दो से तीन बार तैयार किया : बॉर्ड द्वारा जारी सैम्पल पेपर भी बताए निराधार : 2024 को ली गई परिवियस परीक्षा का भी प्रश्न पत्र में एक भी प्रश्न नहीं : 90% से अधिक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी 60 से 70 पर ही सिमट जाएंगे : प्राइवेट एकेडमी में पढ़ने विद्यार्थियों ने भी कहा लेवल 2 व ओलम्पियाड परीक्षा में आने वाले प्रश्न थे पेपर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बॉर्ड द्वारा आज कक्षा 10 वीं की गणित की वार्षिक परीक्षा ली गई, जिसको लेकर भिवानी के कई परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थी रोते, चीखते और चिलाते हुए निकले। विद्यार्थी व शिक्षक बॉर्ड कि खामियों को लेकर आक्रोश में थे, कोई परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही परीक्षार्थी अपने अभिभवकों व शिक्षकों से चिपट कर रो रहे थे। शिक्षकों व विद्यालयों को भी उमीद नही थी इस प्रकार से खराब पेपर आएगा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मुताबिक परीक्षा में 30 से 50% तक पेपर में प्रश्न पुस्तक के अनुसार आए हैं, बाकी बाहर व कंपटीशन लेवल के परीक्षा में प्रश्न आए हैं। जिसके चलते विद्यार्थियों व शिक्षकों में असमंजस बना रहा। परीक्षा देने के बाद परीक्षार्थी रोते हुए निकले हैं और मीडिया के सामने उन्होंने अपना दर्द बयां किया है कि जो एनसीईआरटी की पुस्तक या बोर्ड के द्वारा जो सैंपल पेपर दिया गया था या बॉर्ड प्रिवियस की परीक्षा ली गई थी, उसके मुताबिक बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्र उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, क्योंकि प्रश्न पत्र में 50% प्रश्न ही विद्यार्थियों को उनकी पुस्तक के हिसाब के मिले हैं, जिसके चलते परीक्षार्थियों के पैरों से जमीन खिसक गई और जिन विद्यार्थियों को जो कुछ पेपर सॉल्व करना आता था उसे भी नहीं कर पाए। एकदम से मानसिक तनाव बच्चों पर बन गया, जिसका दुखड़ा मीडिया के समक्ष रोते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बयां किया है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की पुस्तक उन्होंने दो से तीन बार रिवाइज की है,मॉडल टेस्ट पेपर तैयार किए है, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक जो 2024 से में सितंबर और अक्टूबर में जो प्री बोर्ड की परीक्षा हुई या फिर बोर्ड द्वारा जो सैंपल पेपर दिए गए थे उसके मुताबिक भी पेपर में कुछ भी नहीं था, जिसके चलते विद्यार्थी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को रो रहे थे। यहां तक की बताया जा रहा की बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र में विद्यार्थी मानसिक रूप से तनाव में रहे और उनकी मेहनत के मुताबिक प्रश्न पत्र न होने के कारण एक विद्यार्थी बेहोश तक हो गया। इस बामें में बोलते हुए एक शिक्षक ने बताया कि जो प्रीवियस ईयर पेपर आते हैं उसके मुताबिक पेपर नहीं था, स्टैंडर्ड मैथ में जो पेपर आया है,वह कंपटीशन लेवल का पेपर है,जिसके चलते विद्यार्थियों को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले जो पीछे पेपर रहे हैं उसमें 80% बुक से पेपर आया है,लेकिन आज जो गणित का पेपर हुआ है वह 50% ही पुस्तक के अनुसार है। 1) प्रश्न पत्र सैंपल पेपर से मैच नहीं हुआ। 2) डिफिकल्टी सीबीएसई के पेपर पर से ज्यादा था। 3) सितंबर 2024 की परीक्षा में भी है पैटर्न अप्लाई नहीं हुआ। पहली बार इस पैटर्न पर पेपर आया। 4) सिलेबस में पूर्व से निर्धारित नहीं थे competency base प्रश्न। 5) स्टैंडर्ड ओर बेसिक में अंतर स्पष्ट नहीं था। क्योंकि पिछला स्टैंडर्ड मैथमेटिक्स का पेपर अबकी बार बिल्कुल बेसिक से मैच हो रहा था। लेकिन अबकी बार स्टैंडर्ड कहीं से मैच नहीं हो रहा था। 6) पेपर के कुछ कॉन्सेप्ट एनसीईआरटी में स्पष्ट नहीं। इस प्रकार की कई खामियां हैं वो आज गणित के पेपर के दौरान विद्यार्थियों व उनके शिक्षकों को देखने को मिली है, जिसके चलते विद्यार्थी व शिक्षक असमंजस व डिप्रेशन में है,क्योंकि जिस प्रकार से विद्यार्थियों को शिक्षकों ने मेहनत करवाई थी और यह विद्यार्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत की थी,अच्छी मैरिट बनाने के लिए व स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए दिनरात एक कर रखे थे,लेकिन आज जो पेपर दिया गया है वह सिलेबस के अनुसार नहीं है। इसमें अब कितनी हकीकत है क्या सही है क्या गलत है यह तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड है या एनसीईआरटी के एक्सपर्ट ही बता सकते हैं। 🪀 *Follow WhatsApp Channel*👇 https://whatsapp.com/channel/0029VaeQdxt1CYoX68GLv62x

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