सुधा का सागर Sudha Ka Sagar
June 12, 2025 at 07:11 AM
*ये खत मेरे घर का था जिसे चौराहो पर पढ़ा गया* *ये ख़त एक परिवार का था जिसे अदालतों मे पढ़ा गया* *अब ना व्हाट्सप्प से तय होगा, ना किसी ज़ूम मीटिंग से तय होगा* *भक्तों का भगवान कौन है, ये भक्तों के हुज़ूम से तय होगा* :- सुधा का सागर
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