Media Prime News
June 13, 2025 at 04:47 AM
*ट्रांसफर कब होंगे पता नहीं, शिक्षा विभाग ने विधायकों से नाम ही मांग लिए*
*एक बार पहले भी मांगे गए थे नाम, लेकिन तबादलों से प्रतिबंध ही नहीं हटा*
*जयपुर*
सरकार ने तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने का अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन शिक्षा विभाग ने तबादलों की तैयारियां शुरू कर दी है तृतीय श्रेणी शिक्षकों के अलावा विभाग ने अन्य सभी ग्रेड के शिक्षकों के तबादलों की सूची बनाने के लिए भाजपा विधायकों से नाम मांगे हैं विधायकों को एक फॉर्मेट ई-मेल किया गया है और कहा गया है कि इसी फॉर्मेट में नाम भर कर दें
सभी विधायकों से 70-70 नाम मांगे गए हैं इनमें प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शिक्षक, मंत्रालयिक सहित कर्मचारियों के नाम मांगे गए हैं सभी को यह कहा गया है कि फॉर्मेट को भरकर शिक्षा मंत्री के ई-मेल पर भेजें। गंभीर रोग से पीड़ित, कैंसर रोगी, किडनी, हृदय रोगी, गंभीर रूप से विकलांग, नेत्रहीन और एक साल में और उससे कम समय में सेवानिवृत्त होने वालों के नाम स्थानान्तरण के लिए नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं यदि किसी को शिकायत पर हटाना है तो उस शिकायत का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद दो साल की सेवा अवधि पूरी नहीं हुई है, ऐसे कार्मिक, संविदाकर्मी, प्रबोधकों के नाम स्थानान्तरण के लिए नहीं देने को कहा गया है
*दस दिन में तबादले संभव नहीं*
भाजपा सरकार बनने के बाद तबादलों पर से जितनी भी बार प्रतिबंध हटा, वह चंद दिनों के लिए ही हटा। शिक्षा विभाग में लाखों की संख्या में कर्मचारी हैं ऐसे में दस दिन में तबादले का काम पूरा करना संभव नहीं है इसलिए विभाग हर बार पहले ही विधायकों से तबादलों की सूची मांग लेता है, लेकिन जब भी तबादलों पर से प्रतिबंध हटता है।शिक्षा विभाग का नाम उस सूची में नहीं होता शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित करीब 4 लाख कर्मचारी हैं इनमें से करीब एक लाख पद रिक्त है विधायकों की डिजायर के हिसाब से देखा जाए तो भाजपा विधायकों की ओर से 8 हजार से ज्यादा तबादलों की सिफारिश की जा सकती है
*विधायकों-विचार परिवार का भारी दबाव*
सरकार बनने के बाद से ही भाजपा विधायक और विचार परिवार के पदाधिकारियों का सरकार पर स्थानान्तरण से प्रतिबंध हटाने का दबाव है अलग-अलग स्तर से मुख्यमंत्री तक भी यह बात पहुंचाई जा चुकी है
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