अमृत कथा
January 26, 2025 at 02:27 AM
सभी देशवासियों को ७६वें गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं * देश के राष्ट्रीय त्योहारों में से गणतंत्र दिवस के दिन देशवासी स्वतंत्रता सेनानियों व वीर योद्धाओं को स्मरण करते हैं। देश की आजादी के करीब ढाई साल बाद साल १९५० में २६ जनवरी को उसका संविधान मिला था। सन् १९४८ के आरंभ में ही डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने संविधान सभा में पहली बार संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। हालांकि, इनमें कुछ संशोधनों के बाद नवंबर १९४९ में इसे स्वीकार कर लिया गया और २६ जनवरी, १९५० को संविधान पारित हुआ। तब से हर साल इस दिन भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष देश अपना ७६वां गणतन्त्र दिवस मना रहा है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान कहा जाता है। संविधान के लागू होने के बाद इसके निर्माताओं का ये विचार था कि इस खास मौके को किसी ऐसे अवसर पर मनाया जाए जिसका संबंध पहले से ही राष्ट्रीय गौरव से हो। सबने मिलकर फैसला किया कि ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ यानी २६ जनवरी के दिन ही गणतंत्र दिवस मनाया जाए। इसी दिन सन् १९३० में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। हर वर्ष इस दिन राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं और २१ तोपों की सलामी दी जाती है। गणतन्त्र दिवस पर देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित है। हालांकि, कई विद्यालयों व संस्थानों में इस दिन रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है। इस खास मौके पर दिल्ली के राजपथ पर भव्य परेड और झांकियों का आयोजन किया जाता है। इसका समापन २९ जनवरी को बीटिंग द रीट्रीट सेरेमनी के साथ होता है। इसमें भारतीय जल, थल और वायु सेना के बैंड शामिल होते हैं। ये समारोह राष्ट्रपति भवन के पास मनाया जाता है जिसमें स्वयं भारत के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान होते हैं। तीनों सैन्य टुकड़ियों के प्रमुख उन्हें इस दिन सलामी देते हैं। ।। जय माँ भारती ।। वंदे मातरम्
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