Shri NIKHIL
February 25, 2025 at 02:19 PM
_सत्यमेव जयते नानृतं, सत्येन पन्था विततो देवयानः।_
अर्थात – "सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं। सत्य के मार्ग पर चलकर ही दिव्य लोक तक पहुँचा जा सकता है।"
- मुण्डक उपनिषद
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