PAHAL
February 18, 2025 at 09:46 AM
चैतन्य महाप्रभु - दोहावली
कृष्ण भक्त चैतन्य को, आओ करें प्रणाम।
जिनके जीवन ने दिया, सदा जग को पैगाम।।
जगन्नाथ के पुत्र थे, शची मात का नाम।
थी पत्नी लक्ष्मीप्रिया, जने नादिया ग्राम।।
गौरांग निमाई छुटा, चैतन्य हुआ नाम।
महाप्रभु पदवी पायी, भज भज कर हरिनाम।।
प्रेम गीत कविता रची, गायन आठों याम।
कृष्ण मय चैतन्य हुए, जागृति का कर काम।।
भजन गायकी को दिया, जो नवीन आयाम।
भक्ति भजन से हीं लिया, परमब्रह्म को थाम।।
वृंदावन को पुनः बसा, बनाया सुखद धाम।
जहॉं कण-कण में बसते, राधा माधव श्याम।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज पटना।
संपर्क - 9835232978