Bhajan Ganga
Bhajan Ganga
February 16, 2025 at 12:00 PM
https://bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/34392/title/japate--radhe-radhe-shyam चले विप्र हरी नाम को जपते दीनानाथ के धाम। जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम ।। जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम । राधे श्याम राधे श्याम , राधे श्याम राधे श्याम।। जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम ।। डगमग डगमग देह डोलत है , रही रही पांव पिराय । द्वारिका पूरी कितनी दूर है , कुछ भी समझ न आय।। कभी प्रिया के प्रेम में पागल , कभी है जपते नाम ।। जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम । जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम ।। दिनों के दुख हरने वाला कण - कण में तू समाया । कहीं धूप है कहीं है छाया , अद्भुत तेरी माया ।। भक्ति भाव से जो भी भजता , करते उसके काम । जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम । जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम ।। चले विप्र हरी नाम को जपते दीनानाथ के धाम । जपते राधे राधे श्याम , जपते राधे राधे श्याम ।।

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