अदल तौहीद
अदल तौहीद
February 24, 2025 at 03:25 PM
हज़रत शद्दाद (रज़ि०) बयान करते हैं कि मग़रिब या इशा की नमाज़ के लिये अल्लाह के रसूल ﷺ तशरीफ़ लाए तो आपने हज़रत हसन या हुसैन (रज़ि०) को उठा रखा था। रसूलअल्लाह ﷺ (नमाज़ पढ़ाने के लिये) आगे बढ़े और बच्चे को नीचे बिठा दिया। फिर नमाज़ के लिये तकबीरे-तहरीमा कही और नमाज़ शुरू कर दी। नमाज़ के दौरान में आपने एक सजदा बहुत लम्बा कर दिया। मैंने सिर उठा कर देखा तो बच्चा रसूलअल्लाह ﷺ की पीठ पर बैठा था और आप सजदे में थे। मैं दोबारा सजदे में चला गया। जब रसूलअल्लाह ﷺ ने नमाज़ पूरी फ़रमाई तो लोगों ने गुज़ारिश की:ऐ अल्लाह के रसूल! आपने नमाज़ के दौरान में एक सजदा इस क़द्र लम्बा किया कि हमने समझा कोई हादिसा हो गया है या आप को वह्य आने लगी है। आपने फ़रमाया:ऐसा कुछ भी नहीं हुआ बल्कि मेरा बेटा मेरी पीठ पर सवार हो गया तो मैंने पसन्द न किया कि उसे फ़ौरन उतार दूँ,यहाँ तक कि वो अपना दिल ख़ुश कर ले❗️ 📘(नसाई:1142)
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