धर्म ज्ञान R P Pathak
February 26, 2025 at 03:23 AM
महाशिवरात्रि में पूजा करें
श्वेत वस्त्र धारण कर कुशासन पर
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठें।
सर्वप्रथम "गंगाजल" फिर "पंचामृत" फिर गुलाबजल से इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए एक धार में स्नान कराएं
ॐ भवम् देवम् तर्पयामि।
ॐ सर्व देवम् तर्पयामि।
ॐ ईशान देवम् तर्पयामि।
ॐ पशुपति देवम् तर्पयामि।
ॐ रुद्र देवम् तर्पयामि।
ॐ उग्र देवम् तर्पयामि।
ॐ भीम देवम् तर्पयामि।
ॐ महान्तम् देवम् तर्पयामि।
"स्नान के बाद"
ॐ शाम्ब सदा शिवाय नम:।
"वस्त्र" चढ़ाएं
ॐ नम: शिवाय कालाय नम:।
केसर युक्त चन्दन का तिलक करें।
ॐ नम: शिवाय कल विकरणाय नमो नम:।
अक्षत और पुष्प अर्पित करें।
3 दल वाले पांच बेलपत्र गुलाबजल में भिगो कर एक एक मंत्र का उच्चारण कर शिवलिंग के ऊपर अर्पित करें।
ॐ आकाश तत्वाम् पार्वती
महेश्वराभ्याम् नम:।
ॐ वायु तत्वाम् सती महेश्वराभ्याम्
नम:।
ॐ जल तत्वाम् उमा महेश्वराभ्याम् नम:।
ॐ पृथ्वी तत्वाम् प्रकृति तत्वाम् नम:।
ॐ अग्नि तत्वाम् महेश्वराभ्याम् नम:।
ॐ अग्नि तत्वाम् शक्ति
महेश्वराभ्याम् नम:।
इसके बाद
ॐ नम: शिवाय भवोद्भवाय भूतद्मनाय नम:।
धूप दिखाएं।
ॐ नम: शिवाय मनोन्मनाय नम:।
दीप दिखाएं।
ॐ नम: शिवाय।
नैवेद्य और तांबूल चढ़ाएं।
इसके बाद लौंग इलायची के साथ ताम्बूल अर्पित करें।
पूजन के बाद
शिव-शक्ति के स्वरूप का ध्यान करते हुए
ॐ नम: शिवाय।
मंत्र की माला जाप कर
एक माला शिव गायत्री
ॐ महादेवाय विद्यहे रुद्र मूर्तय धीमहि तन्नो शिवा प्रचोदयात् ||
मंत्र का जाप करे।
आरती और पुष्पांजलि अर्पित कर अनुष्ठान पूर्ण करना चाहिए।
महा शिवरात्रि की रात्रि
भजन कीर्तन के साथ सपरिवार
रात्रि जागरण करने का विशेष महत्व है।
ऊँ नमः शिवाय
हर हर शम्भु
🙏
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