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June 6, 2025 at 04:01 AM
श्री हनुमानजी रावण से कहते हैं कि हे रावण जरा विचार तो करो कि तुम कितने उच्च कुल में पैदा हुए हो, विद्वान हो, ब्राह्मण हो, मैं इस नाते तुमको हाथ जोड़ कर विनती करता हूं कि तुम अभिमान को त्याग दो और सब भय चिंता को हरने वाले प्रभू श्री राम का सुमिरन करो । आज निर्जला एकादशी है ।। राम राम जी ।।
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