दैनिक सुविचार 🌺🏵️😊🙋‍♂️
June 3, 2025 at 02:06 AM
3.6.2025 जीवन में सुख भी आता है, और दुख भी। *"जब जीवन में सुख आता है, तो प्रायः व्यक्ति में अभिमान हठ मनमानी करना दूसरों को नीचा दिखाना दूसरों को अपमानित करना दूसरों को दुख देना उन्हें घटिया समझना स्वयं को बहुत उत्तम समझना इत्यादि दोष उत्पन्न हो जाते हैं।" "सभ्यता नम्रता आदि गुण उस समय खो जाते हैं।"* *"और जब जीवन में दुख आता है, तब व्यक्ति बेचैन अशांत हो जाता है, जल्दी से जल्दी उस दुख को दूर करने के लिए उतावला हो जाता है। मन बुद्धि पर नियंत्रण नहीं रहता। क्रोध ईर्ष्या जलन आदि आदि अनेक दोष उत्पन्न हो जाते हैं। तब संयम धैर्य आदि गुण खो जाते हैं।" अर्थात "जीवन में सुख आने पर भी तथा दुख आने पर भी, दोनों अवसरों पर व्यक्ति की परीक्षा होती है।"* *"जो व्यक्ति जीवन में सुख आने पर नम्रता सभ्यता आदि गुणों को अपने अंदर जागृत नहीं रख पाता, खो देता है। तथा दुख आने पर धैर्य संयम आदि गुणों को धारण नहीं कर पाता, खो देता है, तो 'उसका जीवन असफल हो गया', ऐसा माना जाता है।" "जो व्यक्ति इन दोनों परीक्षाओं में पास हो जाता है, 'उसका जीवन सफल' माना जाता है।"* *"अतः धैर्य पूर्वक दोनों स्थितियों का सामना करते हुए दोनों परीक्षाओं को पास करें। तभी आपका जीवन सुखमय एवं सफल होगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*
🙏 👍 ❤️ 37

Comments