⛳सनातन धर्मरक्षक समिति⛳
June 19, 2025 at 02:37 AM
*┈┉सनातन धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है┉┈*
*लेख क्र.-सधस/२०८२/आषाढ़/कृ./८-१८२६५*
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🔱 *व्यस्त जीवनशैली में से कुछ मिनट लगा कर अपने शास्त्र, पुराण अवश्य पढ़े,जीवन सरल हो जाएगा।*🔱
*🙏🏻ब्रह्मसूत्र🙏🏻*
🕉️ *१. पहला अध्याय* 🕉️
♦️ *चौथा पाद*♦️
✡️ *वेदान्त दर्शन* ✡️
♦️ *सूत्र २० : 'प्रतिज्ञासिद्धेलिङ्गमित्याश्मरथ्यः ।'*
👉भावार्थ : उक्त प्रकरण में जीवात्मा और मुख्य प्राण के लक्षणों का वर्णन ब्रह्म को ही जगत् का कारण बताने के लिए हुआ है क्योंकि ऐसा मानने से हो पहले की हुई प्रतिज्ञा की सिद्धि होती है। ऐसा अश्मरथ्य आचार्य मानते हैं।
🔅 *व्याख्या-* आचार्य अश्मरथ्य का मानना है कि अजात शत्रु ने जो यह प्रतिज्ञा की थी कि, 'तुझे ब्रह्म का स्वरूप बताऊंगा।'
इससे यही सिद्ध होता है कि ब्रह्म ही जगत् का कारण है।
*क्रमश:________*
🕉️ *सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।* 🕉️
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ये चैव सात्त्विका भावा राजसास्तामसाश्च ये।
मत्त एवेति तान्विद्धि न त्वहं तेषु ते मयि ॥
*भगवान सत्यनारायण देव जी की जय*
*⛳⚜सनातन धर्मरक्षक समिति⚜⛳*
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