एक कहानी सुंदर सी
June 19, 2025 at 07:56 AM
वृंदावन, बाँके बिहारी जी मंदिर मे एक दूसरे को रौंदने को आतुर भीड़ का जन सैलाब
व्यवस्था मे तो कमी है ही, लेकिन मानसिकता मे भी कमी ही है
कोई ईश्वर का जनादेश तो नहीं ही हुआ है कि बेवजह भीड़ बनाई जाये, और उस भीड़ का हिस्सा बनकर मरा और मारा जाये
1 सेकेण्ड के दर्शन के लिये खुद की जान दाँव पर लगाना, और जानबूझकर बिगड़ी हुई व्यवस्था का हिस्सा बनना
भगवान तो आज भी वहीं हैं, कल भी वहीं रहेंगे
फिर भागमभाग कैसी
असल मे भागमभाग ईश्वर के दर्शनों की नहीं, वहाँ जाकर पिकनिक मनाते हुये चाट पकौड़ी खाने की है, सोशल मीडिया पर रील बनाने की है
अपनी दुर्दशा के ज़िम्मेदार हम स्वयं हैं, और दोषारोपण सरकार पर करते हैं
इस भेड़चाल से बचना ज़रूरी है, जीवन कीमती है, अपने लिये जियें, अपनों के लिये जियें,
गर्मियों की छुट्टियों एन्जॉय करने के चक्कर मे नासमझी मे कुछ नासमझो के कदमो तले रौँदे जाने से बचें।
*अगर आस्था है आपमे में आप कभी भी जा सकते है लेकिन इतनी भीड़ में ना जाये।*
*💐जय बाँके बिहारी लाल की जय💐*
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